गर्मियों में नहाने की विशेष(Summer bathing method)विधि :- ग्रीष्म ऋतू में नहाने के लिए ताजा पानी का प्रयोग करे अगर जमीन के निचे का पानी (कुआं,बावड़ी,हैंडपंप)उपलब्ध हो सके तो बहुत अच्छा है
1.पहले बाल्टी को ताजा ठंडे पानी से भर ले| बर्फ का प्रयोग नहीं करे प्राकृतिक ठंडा ताजा पानी का प्रयोग करे |
2.बाथरूम में थोडा ऊँचा बेठकर पांव को दूर फेला लें| एक मग में पानी भर कर धीरे-धीरे पेट पर नाभि के उपर के भाग पर गिराए |पानी की धारा धीरे-धीरे गिराते समय पेट पर (क्लॉक वाइज)हल्के हाथ से मालिश करते रहे इस तरह तीन बार करें | ऐसा करने से आंशिक पेट की पट्टी जैसा लाभ होगा
3.इसके बाद तीन मग पानी अपनी गर्दन के पीछे के हिस्से पर धीरे-धीरे धार बनाकर डालें ताकि आपका मेरुदण्ड (रीढ़ की हड्डी)पानी से गीला हो जाएऐसा करने से मेरुदण्ड स्नान (स्पाइनल टब बाथ) का आंशिक लाभ होगा
4.फिर इसके बाद अपनी आँखों पर पानी के छींटे लगाये और चेहरे को धो लें
5.इसके बाद पानी को सिर के ऊपर डालें
6.अब आप मोटा पिसा हुआ बेसन अथवा प्राकृतिक हर्बल पैक द्वारा सामान्य स्नान ले सकते है
7.ध्यान रहे पांव को अंत में गीला करे |
इस विधि से पेट और रीढ़ की हड्डी पर पहले पानी डालने से शरीर का तापमान शरीर के इन दो भागों में कम हो जाता है इन दो भागो में रक्त संचार बढ़ जाता है हाजमा ठीक हो जाता है और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम)tone up होता है ऐसा करते समय व्यक्तियों को पेशाब आता है जिससे प्रमाणित होता है कि शरीर को इस प्रक्रिया द्वारा लाभ हुआ है ग्रीष्म ऋतू में इस तरीके से नहाने से विशेष लाभ होता है आज के भाग-दौड़ के जीवन में अगर हम और अधिक न कर पाए तो कम से कम नहाने की यह विधि तो अपना ही सकते है