सर्वग्रहणी सम्पूर्ण कॉम्बो — Sarva Grahani Complete Combo — 5-Product Digestive Wellness Kit
"5 Products, 1 Complete Routine — Morning to Night Digestive Wellness"
सुबह से रात तक — सम्पूर्ण पाचन स्वास्थ्य रूटीन
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🎥 पहले यह वीडियो ज़रूर देखें — Watch This First:
इस कॉम्बो को समझने के लिए — पूरी वीडियो गाइड देखें। इसमें बताया गया है — आपकी असली समस्या क्या है, कौन सा प्रकार है, और यह कॉम्बो कैसे काम करता है:
🎥 👉 पूरी वीडियो गाइड देखें — Click Here
Watch Complete Video Guide — Step by Step Explanation
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सबसे पहले — आप यह समझ लीजिए:
देखिए, अगर आप इस पेज पर आए हैं तो शायद आप भी उन लोगों में से हैं जिनको पेट की समस्या काफी लम्बे समय से परेशान कर रही है। दिन में बार-बार प्रेशर लगना, पेट में गुड़गुड़ाहट, गैस, भारीपन, खाना ठीक से न पचना — और ये सब महीनों-सालों से चल रहा है।
आपने बहुत कुछ try किया होगा — कभी कोई एक चूर्ण, कभी कोई गोली, कभी कोई काढ़ा — पर पूरा आराम नहीं मिला। क्यों? क्योंकि एक अकेला उत्पाद सब कुछ नहीं कर सकता।
आयुर्वेद कहता है — आपके पेट की फैक्ट्री में अभी दो समस्याएं हैं:
1. पुराना कचरा (आम) — जो आंतों में गोंद की तरह चिपका पड़ा है। जब तक यह अंदर है, कोई भी दवा या टोनिक काम नहीं करेगी। क्योंकि यह आम शरीर के Micro-channels को बंद कर देता है — आप कितना भी अच्छा खाओ, शरीर को लगेगा नहीं।
2. अग्नि (Digestive Fire) बुझ गई है — आग जो खाने को पचाती है, वो मंद पड़ चुकी है। खाना पचने की बजाय अंदर सड़ रहा है — और नया आम बन रहा है।
तो हमें दो काम एक साथ करने हैं:
✅ पुराना जमा आम बाहर निकालो
✅ बुझी हुई अग्नि को फिर से जगाओ
✅ नया आम बनना रोको
✅ आंतों की पकड़ मज़बूत करो
✅ बाहर से भी पेट को रिसेट करो
एक अकेला उत्पाद ये पांचों काम नहीं कर सकता। इसीलिए यह 5-उत्पाद का कॉम्बो बनाया गया है — हर उत्पाद का अपना काम, अपना समय।
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📦 कॉम्बो में क्या-क्या है — 5 उत्पाद:
| 1. शुण्ठ्यादि क्वाथ (250g) | 🍵 आम निकालने वाला — सोंठ, नागरमोथा, अतीस, गिलोय का काढ़ा। यह आपके अंदर जमे पुराने आम को बाहर निकालने में सहायक है + मंद अग्नि को जगाने में सहायक। भोजन से 45 मिनट पहले ताज़ा काढ़ा बनाकर पीना है। |
| 2. हिङ्ग्वष्टक चूर्ण (100g) | 🔥 अग्नि तेज़ करने वाला — हींग + 7 द्रव्य। भोजन के पहले ग्रास (निवाले) में घी के साथ खाना है। यह आपकी अग्नि को तेज़ करता है ताकि पूरा भोजन ठीक से पचे + पेट में जमी गैस की गांठ में सहायक। ⚠️ जिनको जलन, खट्टी डकार हो (पित्तज) — वो यह न लें। |
| 3. चाव चित्रकादी चूर्ण (200g) | 🛡️ आम नाशक + आंत मज़बूत — चव्य, चित्रकमूल, बेल, सोंठ। भोजन के आखिर में फंकी मारकर ऊपर से छाछ पीनी है। यह बचे हुए आम को नष्ट करने + आंतों की पकड़ मज़बूत करने में सहायक। शास्त्र कहता है — "तक्रेण सहितं हन्ति ग्रहणीं दुःखदारिणीम्" |
| 4. अग्नि बलवर्धक चूर्ण (200g) | ⚡ अग्नि बलवान बनाने वाला — चित्रकमूल, अजवाइन, सेंधा नमक, सोंठ, मरिच। सुबह फ्रेश होने के बाद खट्टी छाछ के साथ लेना है। शास्त्र कहता है — "सप्ताहादग्निबलम्" — एक सप्ताह में अग्नि को बल देने में सहायक। |
| 5. अजीर्णहर उदर लेप (100g) | 🔄 फैक्ट्री रिसेट — हींग, सोंठ, पीपल, मरिच, सेंधा नमक। पानी में पेस्ट बनाकर पेट पर लगाना है — 1 घंटा आराम — फिर धो लो। शास्त्र कहता है — "सर्वाजीर्णप्रणाशनम्" — सभी प्रकार के पाचन असंतुलन में सहायक। यह डाइरेक्ट आपकी अग्नि पर काम करता है — बाहर से। ⚠️ सिर्फ बाहरी उपयोग — खाना बिल्कुल नहीं है। |
कुल: 5 उत्पाद | 26 द्रव्य | 100% प्राकृतिक | शास्त्रोक्त
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यह कॉम्बो किसके लिए है? — सबसे पहले अपना प्रकार जानिए:
देखिए, आयुर्वेद में पाचन असंतुलन को 4 प्रकारों में बांटा गया है — और हर प्रकार के लक्षण अलग-अलग हैं। जब तक आप अपना प्रकार नहीं जानेंगे, सही सहयोग नहीं मिलेगा।
नीचे देखिए — कौन से लक्षण आपसे मिलते हैं:
| 💨 वातज | गैस, अफारा, पेट फूलना। दर्द बदलता रहे — कभी यहां कभी वहां। कभी कब्ज़ कभी दस्त — कुछ तय नहीं। शरीर में रूखापन, मुंह-गला सूखा। वजन गिरता जा रहा है। घबराहट, बेचैनी, बिना वजह डर। |
| 🔥 पित्तज | सीने-गले में जलन। खट्टी-बदबूदार डकारें। मल पीला-पतला, दुर्गंधयुक्त। मल त्याग में जलन। बहुत प्यास लगे, पसीना ज़्यादा। खाने में अरुचि। |
| 🧊 कफज | खाना बहुत मुश्किल से पचे। जी मिचलाना, उबकाई। मुंह में कफ लिपटा, जीभ पर परत। मल चिपचिपा-भारी, आंव मिला हुआ। शरीर भारी, आलस, नींद ज़्यादा। बार-बार शौच नहीं जाते पर खाना पचता नहीं। |
| 🟤 आमज | पेट में गुड़गुड़ाहट। अधपचा-दुर्गंधयुक्त मल। शरीर में भारीपन-आलस। सुबह जीभ पर सफेद मोटी परत। खाने का मन नहीं। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द। |
| 😰 भयशोक | किसी बात का डर-चिंता-तनाव से प्रेशर लग जाता है। कोई बुरी खबर सुनी — प्रेशर। कहीं जाना है — घबराहट — प्रेशर। मन कमज़ोर होता है तो पेट भी react करता है। नर्वस सिस्टम कमज़ोर। |
| ⚖️ सन्निपातज | ऊपर के तीनों (वातज + पित्तज + कफज) के मिले-जुले लक्षण दिखें — कभी गैस, कभी जलन, कभी भारीपन — सब मिला हुआ। |
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अब सुनिए — आपको कौन सा कॉम्बो लेना है:
📋 नियम बहुत सीधा है:
यह सर्वग्रहणी सम्पूर्ण कॉम्बो (5 उत्पाद) — यह सबका BASE (आधार) है। सबको यहीं से शुरू करना है। क्योंकि चाहे कोई भी प्रकार हो — जड़ एक ही है: कमज़ोर अग्नि + जमा हुआ आम।
✅ आमज या सन्निपातज — सिर्फ यही कॉम्बो काफी है। कुछ और लेने की ज़रूरत नहीं।
🔵 वातज — पहले यह Base लो + बाद में सर्वाजीर्ण प्रशमन क्वाथ + शुण्ठी घृत जोड़ो (वातज कॉम्बो)
🔴 पित्तज — पहले यह Base लो + बाद में रसांजनादि चूर्ण + बिल्वादि ग्रहणी चूर्ण जोड़ो (पित्तज कॉम्बो)
🟢 कफज — पहले यह Base लो + बाद में कफज ग्रहणी चूर्ण जोड़ो (कफज कॉम्बो)
🟣 भयशोक — पहले यह Base लो + बाद में शोकहर क्वाथ जोड़ो (भयशोक कॉम्बो)
❓ पता नहीं कौन सा प्रकार है? — कोई बात नहीं — बस यही Base कॉम्बो ले लीजिए। यह सभी प्रकारों में काम करता है। 1-2 हफ्ते बाद जब लक्षण साफ दिखें — तब type-specific add-on जोड़ लीजिए।
💬 अभी भी Confusion है? — हमें WhatsApp पर अपने लक्षण बताइए — हम आपको सही कॉम्बो suggest करेंगे।
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📋 रोज़ का रूटीन — Step by Step:
अब सबसे ज़रूरी बात — कब, क्या, कैसे लेना है। इसका स्क्रीन शॉट लीजिए या फ़ोटो खींच लीजिए:
| कब / When | क्या / Product | कैसे / How |
|---|---|---|
| 🌅 सुबह (फ्रेश होने के बाद) |
अग्नि बलवर्धक चूर्ण | ½-1 चम्मच फंकी मारो → ऊपर से खट्टी छाछ पी लो। 💡 पित्तज वाले: खट्टी नहीं — ताज़ी छाछ में गुड़ + सोंठ मिलाकर लो। |
| 🍽️ भोजन से 45 मिनट पहले (सुबह + शाम) |
शुण्ठ्यादि क्वाथ | 25-30g चूर्ण + 400ml पानी → उबालो → ¼ बचे → छानो → 40ml गुनगुना काढ़ा पी लो। 💡 हर बार ताज़ा बनाओ — पुराना रखा हुआ मत पियो। 💡 स्टील/मिट्टी बर्तन — एल्युमीनियम नहीं। |
| 🥄 भोजन का पहला ग्रास | हिङ्ग्वष्टक चूर्ण | ¼ चम्मच चूर्ण + ¼ चम्मच गोघृत (घी) → पहले निवाले में डालकर खाओ → फिर बाकी भोजन शुरू करो। ⚠️ पित्तज वाले (जलन/खट्टी डकार) — यह बिल्कुल न लें। |
| 🍛 भोजन के बिल्कुल आखिर में (सुबह + शाम) |
चाव चित्रकादी चूर्ण | ½-1 चम्मच फंकी मारो → ऊपर से अपने दोष अनुसार छाछ पी लो (छाछ गाइड नीचे देखें)। ⚠️ रात को देर से छाछ मत पियो — अगर डिनर लेट है तो शाम 4-5 बजे छाछ + चूर्ण ले लो। |
| 🌙 आराम के समय (दिन में 1 बार) |
अजीर्णहर उदर लेप | 1-2 चम्मच चूर्ण + पानी → गाढ़ा पेस्ट बनाओ → पेट पर नाभि के आसपास लगाओ → 1 घंटा लेट जाओ → सूखने पर धो लो। ⚠️ सिर्फ बाहरी उपयोग — खाना बिल्कुल नहीं है! |
↑ सुबह-शाम दोनों भोजन में Steps 2, 3, 4 दोहराना है।
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🥛 छाछ गाइड — बहुत ज़रूरी है ये:
आयुर्वेद में छाछ (तक्र) की बहुत प्रशंसा की गई है — शास्त्र कहता है "जैसे देवताओं के लिए अमृत, वैसे मनुष्यों के लिए छाछ।" पर हर प्रकार के लिए छाछ अलग तरीके से तैयार करनी है:
| 🌬️ वातज | छाछ + सेंधा नमक + त्रिकटु (सोंठ+पीपल+मरिच) |
| 🔥 पित्तज | छाछ + थोड़ा गुड़ + 2-3 चुटकी सोंठ — ⚠️ सादी या खट्टी छाछ भूलकर भी मत पियो! |
| 🧊 कफज | छाछ + ¼ चम्मच हरड़ (हरीतकी) चूर्ण — या फंकी मारकर ऊपर से छाछ |
| ⚖️ सन्निपातज | छाछ + सेंधा नमक + त्रिकटु + भुना जीरा |
| 🟤 आमज | छाछ + त्रिकटु + सेंधा नमक (त्रिकटु न हो तो सोंठ + कालीमिर्च + भुना जीरा) |
| ❓ पता नहीं | सादी छाछ — सबमें काम करती है ✅ |
💡 ताज़ी घर की मथी हुई छाछ सबसे अच्छी। रात को देर से छाछ कभी न पियें।
छाछ किसको नहीं पीनी: छाती में चोट/घाव हो | बहुत ज़्यादा गर्मी के मौसम में | अत्यधिक कमज़ोरी | चक्कर/बेहोशी | शरीर में जलन | रक्तपित्त की समस्या
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🍽️ आहार — बिना इसके कुछ नहीं होगा:
देखिए, ये बात समझ लीजिए — अगर आहार नहीं बदला तो कोई भी उत्पाद पूरा काम नहीं करेगा। आहार सबसे ज़रूरी है।
| ❌ बिल्कुल नहीं खाना | ✅ खा सकते हैं |
|---|---|
| भारी दालें — उड़द, राजमा, चना, लोबिया गरिष्ठ सब्ज़ियां — कटहल, गोभी, भिंडी दूध-पनीर-दही कच्चा सलाद जंक फ़ूड, पैक्ड फ़ूड, बेकरी मैदा, तला-भुना, बाहर का खाना विरुद्ध आहार (गलत food combinations) बिना भूख खाना — ये #1 कारण है आम बनने का बिना प्यास ज़्यादा पानी — अग्नि बुझती है |
हल्की सब्ज़ियां — लौकी, तोरई, टिंडा, कद्दू, परवल दाल — सिर्फ मूंग या मसूर पुराना चावल, ताज़ी रोटी गुनगुना पानी (दिन भर) अदरक वाली चाय हल्का, गर्म, सुपाच्य भोजन भूख लगे तभी खाओ प्यास लगे तभी पानी पियो |
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🧘 जीवनशैली — ये भी उतना ही ज़रूरी:
✅ भूख लगे तभी खाएं — बिना भूख खाने से ही तो आम बनता है
✅ टॉयलेट लगे तो तुरंत जाएं — मल-मूत्र का वेग मत रोको, रोकने से वही मल फिर से पचने लगता है
✅ पानी सिर्फ प्यास पर — बिना प्यास दिन भर ढेर पानी पीने से अग्नि बुझती है, यही सबसे बड़ा कारण है
✅ हल्का व्यायाम, योग, प्राणायाम रोज़ — बैठे रहने से भी अग्नि मंद होती है
✅ डिनर जल्दी — सूर्यास्त से पहले या जल्दी से जल्दी
✅ भूख + प्यास साथ लगे → पहले पानी पियो, 30-40 मिनट बाद खाना खाओ
✅ मन शांत रखो — तनाव सीधे अग्नि को कमज़ोर करता है, मन और पेट जुड़े हैं
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:
क्या सभी 5 उत्पाद लेने ज़रूरी हैं?
पूरा प्रोटोकॉल चाहिए तो हां — हर उत्पाद अलग समय पर अलग काम करता है। अगर धीरे-धीरे शुरू करना चाहें — तो शुण्ठ्यादि क्वाथ + चाव चित्रकादी + अजीर्णहर लेप — ये तीन core हैं। बाकी बाद में जोड़ लीजिए।
कितने दिन तक करना है?
कम से कम 2-4 हफ्ते। सही अनुशासन और आहार से 30 दिन में अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। पुरानी समस्या है तो लम्बा चल सकता है — शास्त्र ने इसे "कष्ट साध्य" बताया है — ठीक तो होगी पर मुश्किल से। धैर्य रखना होगा।
पित्तज वाले — हिङ्ग्वष्टक लें या नहीं?
नहीं — बिल्कुल मत लें। बाकी 4 उत्पाद लें। छाछ में हमेशा गुड़ + सोंठ मिलाएं — सादी/खट्टी छाछ कभी नहीं।
रात को छाछ पी सकते हैं?
नहीं — रात को देर से छाछ मत पियें। डिनर लेट है तो शाम 4-5 बजे चाव चित्रकादी + छाछ ले लीजिए।
मेरा प्रकार पता नहीं — क्या करूं?
बस यही Base कॉम्बो ले लीजिए — सभी प्रकारों में काम करता है। 1-2 हफ्ते बाद जब लक्षण साफ दिखें — तब type-specific add-on जोड़ लीजिए। या हमें WhatsApp करें।
कॉम्बो कितने दिन चलेगा?
शुण्ठ्यादि क्वाथ सबसे पहले खत्म होगा (~4-5 दिन पूरी routine में)। बाकी उत्पाद ज़्यादा चलते हैं। ज़रूरत अनुसार reorder करें।
गर्भवती महिलाएं?
इसमें चित्रकमूल है — गर्भावस्था में उपयुक्त नहीं। अपने चिकित्सक से परामर्श लें।
बच्चों के लिए?
अजीर्णहर लेप बच्चों पर लगा सकते हैं (बाहरी)। बाकी उत्पाद — 12 वर्ष से कम बच्चों के लिए विशेषज्ञ से सलाह लें।
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⚠️ सावधानियाँ — ज़रूर पढ़ें:
⚠️ गर्भवती महिलाएं बिल्कुल न लें (चित्रकमूल)
⚠️ पित्तज वाले — हिङ्ग्वष्टक न लें; छाछ में गुड़ + सोंठ
⚠️ अजीर्णहर लेप — सिर्फ बाहरी — खाएं बिल्कुल नहीं
⚠️ रात को देर से छाछ न पियें
⚠️ बिना भूख न खाएं — यही आम बनने का #1 कारण
⚠️ बिना प्यास अधिक पानी न पियें — अग्नि बुझती है
⚠️ निर्धारित मात्रा से अधिक न लें
⚠️ 12 वर्ष से कम बच्चों को विशेषज्ञ सलाह से ही दें
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Disclaimer: These products are not intended to diagnose, treat, cure, or prevent any disease. These are traditional Ayurvedic food products. For external use product (Ajirnhar Lep) — do not ingest. Results may vary. Consult a qualified healthcare professional for any health concerns.
यह उत्पाद किसी रोग के निदान, उपचार या रोकथाम हेतु नहीं हैं। ये पारम्परिक आयुर्वेदिक आहार हैं। बाहरी उपयोग उत्पाद (अजीर्णहर लेप) खाएं नहीं। परिणाम व्यक्ति अनुसार भिन्न हो सकते हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।
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