भयशोक पाचन कॉम्बो — Bhayshok Digestive Wellness Combo — 6-Product Mind-Gut Wellness Kit
"Stress, Fear, Anxiety → Pressure — The Gut-Mind Connection"
तनाव, डर, चिंता → प्रेशर — मन और पेट का कनेक्शन | Base (5) + Bhayshok Add-on (1) = 6 Products
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यह कॉम्बो उनके लिए है जिनका पेट "दिमाग से" खराब होता है:
देखिए, इस कॉम्बो को समझने से पहले एक बात समझ लीजिए — यह सामान्य पेट की समस्या नहीं है।
अगर आपके साथ ऐसा होता है:
😰 कोई बुरी खबर सुनी — और प्रेशर लग गया
😰 कहीं बाहर जाना है — घबराहट — और प्रेशर
😰 Exam, Interview, Meeting — तनाव — और प्रेशर
😰 कोई डरावनी बात दिमाग में आई — और पेट ने react कर दिया
😰 रात को चिंता में सोए — सुबह पेट खराब
😰 Insecurity, बेचैनी, घबराहट — लगातार बनी रहती है — और पेट भी लगातार खराब
😰 जब मन शांत हो — तो पेट भी ठीक रहे — जैसे ही तनाव आए — पेट बिगड़ जाए
…तो यह भयशोक अतिसार है।
आप कहेंगे — ये क्या है?
जैसा नाम से ही पता लग रहा है — भय = डर, शोक = दुःख। किसी बात का डर या दुःख — और उससे प्रेशर लग जाना। योगरत्नाकर — अतिसार चिकित्सा अध्याय में आचार्य ने इसके बारे में विस्तार से बताया है।
और सबसे ज़रूरी बात — यह IBS (Irritable Bowel Syndrome) से सीधे जुड़ा है। जिसे मॉडर्न साइंस IBS कहती है, हमारे ग्रंथों में इसे भयशोक अतिसार + ग्रहणी रोग कहा गया है। क्योंकि इसमें नर्वस सिस्टम कमज़ोर हो जाता है — जब मन कमज़ोर होता है, शरीर भी react करता है।
👉 मन और पेट दोनों जुड़े हुए हैं।
👉 जब तक मन शांत नहीं होगा — पेट भी ठीक नहीं होगा।
इसीलिए आचार्य ने इसकी दो-स्तरीय व्यवस्था बताई:
1. वातहर क्रिया — वात को शांत करो, पेट की गति normal करो
2. हर्ष-आश्वासन क्रिया — मन को खुश रखो, डर-चिंता कम करो, खुद को हिम्मत दो
सिर्फ पेट की दवा काम नहीं करेगी — मन और पेट दोनों पर साथ काम करना होगा।
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भयशोक को Base कॉम्बो से ज़्यादा क्यों चाहिए?
सर्वग्रहणी सम्पूर्ण कॉम्बो (Base — 5 उत्पाद) अग्नि जगाता है + आम निकालता है। यह ज़रूरी है — भयशोक वालों की अग्नि भी मंद होती है + आम भी जमा होता है। पर भयशोक वालों की एक बिल्कुल अलग समस्या है:
समस्या — नर्वस सिस्टम + वात असंतुलन:
भयशोक में सिर्फ अग्नि मंद नहीं है — नर्वस सिस्टम (वात) अस्थिर हो गया है। वात "चल" (Mobile) स्वभाव वाला है — जब मन में डर-चिंता आती है, वात अस्थिर होता है, और सीधे आंतों पर असर करता है — अचानक प्रेशर, मरोड़, दस्त।
सामान्य पाचन उत्पाद अग्नि + आम पर काम करते हैं — पर नर्वस सिस्टम को शांत नहीं करते।
इसीलिए आचार्य ने शोकहर क्वाथ चूर्ण बताया — 12 औषधियां जो एक साथ तीन काम करती हैं:
✅ वात शांत करें (पेट की गति normal)
✅ नर्वस सिस्टम को बल दें (Nerve calming)
✅ पाचन में भी सहायक (दीपन-पाचन)
Base पेट ठीक करे। Bhayshok add-on मन + नसें + पेट — तीनों पर साथ काम करे। दोनों मिलकर = सम्पूर्ण भयशोक प्रोटोकॉल।
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📦 कॉम्बो में क्या-क्या है — 6 उत्पाद:
🟢 BASE — सर्वग्रहणी (5 उत्पाद — सबके लिए अनिवार्य):
| 1. शुण्ठ्यादि क्वाथ (250g) | 🍵 आम निकालने वाला — भोजन से 45 मि. पहले ताज़ा काढ़ा |
| 2. हिङ्ग्वष्टक चूर्ण (100g) | 🔥 अग्नि तेज़ करने वाला — पहले ग्रास में घी के साथ |
| 3. चाव चित्रकादी चूर्ण (200g) | 🛡️ आम नाशक + आंत मज़बूत — भोजन के आखिर में छाछ से |
| 4. अग्नि बलवर्धक चूर्ण (200g) | ⚡ अग्नि बलवान — सुबह खट्टी छाछ से |
| 5. अजीर्णहर उदर लेप (100g) | 🔄 फैक्ट्री रिसेट — पेट पर लगाओ — ⚠️ सिर्फ बाहरी |
🟣 BHAYSHOK ADD-ON (1 उत्पाद — भयशोक-विशिष्ट):
| 6. शोकहर क्वाथ चूर्ण (200g) | 🧠 मन + नसें + पेट — तीनों पर एक साथ 12 औषधियां: पृष्ठपर्णी, बला, बेल, धनिया, नीलोत्पल (उत्पल), सोंठ, वायविडंग, अतीस, नागरमोथा, देवदारु, पाठा, काली मिर्च — बराबर मात्रा में यवकूट (मोटा चूर्ण) तीन काम एक साथ: 🧠 नर्वस सिस्टम शांत — बला + नीलोत्पल + देवदारु = Nerve calming + Vata balancing 🛡️ आंत मज़बूत — बेल (ग्राही) + अतीस + पाठा = Gut toning 🔥 पाचन सहायक — सोंठ + मरिच + वायविडंग = Digestive support शास्त्र कहता है: इससे शोक से उत्पन्न अतिसार — यानि stress, anxiety से होने वाली समस्या — धीरे-धीरे जड़ से समाप्त होती है। कैसे लेना: 1 चम्मच + 1 गिलास पानी → धीमी आंच पर उबालो → ¼ बचे → छान लो → सुबह खाली पेट + शाम 5-6 बजे — गुनगुना ⚠️ हमेशा ताज़ा बनाकर पियो। |
कुल: 6 उत्पाद | 38 औषधियां | मन + नसें + पेट = तीन-स्तरीय सहयोग
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शोकहर क्वाथ — 12 औषधियां क्यों?
देखिए, सामान्य पाचन काढ़ों में 4-5 द्रव्य होते हैं — सिर्फ पेट पर काम करते हैं। पर भयशोक में तीन अलग-अलग systems पर काम करना होता है — इसीलिए 12 औषधियां:
🧠 मन + नसें शांत करने वाले (Nerve Calming):
→ बला — बल देने वाली — नसों को ताकत — "बल" इसी से आता है
→ नीलोत्पल — शीतल, सौम्य — मन शांत करने में सहायक — चिंता कम करने वाला
→ देवदारु — वात शांत करने में विशेष — नर्वस सिस्टम को स्थिर करने में सहायक
→ धनिया — शीतल + पाचक — पित्त-वात दोनों शांत
🛡️ आंत मज़बूत करने वाले (Gut Toning):
→ बेल — "ग्राही" — आंतों की पकड़ सबसे अच्छी बनाए
→ अतीस — दीपन + पाचन + ग्राही — बच्चों को भी दे सकें इतना सौम्य
→ पाठा — आम-पाचक + शोथहर — आंतों की सफाई + स्वास्थ्य
→ नागरमोथा — दीपन + पाचन — भूख बढ़ाने + आम पचाने में सहायक
🔥 पाचन सहायक (Digestive Support):
→ सोंठ — महौषधि — पाचन का राजा
→ काली मिर्च — अग्नि प्रदीपक
→ वायविडंग — कृमिहर + दीपन — आंतों की गहरी सफाई
→ पृष्ठपर्णी — वात शमन + बल्य — वात शांत करे + बल दे
12 द्रव्य — 3 स्तर — मन + नसें + पेट = सम्पूर्ण भयशोक सहयोग।
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📋 सम्पूर्ण दैनिक रूटीन — भयशोक पाचन:
| कब | क्या | कैसे |
|---|---|---|
| 🌅 सुबह (फ्रेश होने के बाद) |
अग्नि बलवर्धक | ½-1 चम्मच फंकी → खट्टी छाछ |
| 🌅 सुबह (खाली पेट) |
शोकहर क्वाथ 🟣 BHAYSHOK ADD-ON |
1 चम्मच चूर्ण + 1 गिलास पानी → धीमी आंच → ¼ बचे → छानो → गुनगुना पियो 💡 हमेशा ताज़ा बनाओ |
| 🍽️ भोजन से 45 मि. पहले (सुबह + शाम) |
शुण्ठ्यादि क्वाथ | ताज़ा काढ़ा — 40ml गुनगुना |
| 🥄 पहला ग्रास | हिङ्ग्वष्टक | ¼ चम्मच + घी → पहले निवाले में |
| 🍛 भोजन के आखिर में (सुबह + शाम) |
चाव चित्रकादी | ½-1 चम्मच फंकी → छाछ वातज छाछ: सेंधा नमक + त्रिकटु |
| ☀️ शाम 5-6 बजे |
शोकहर क्वाथ 🟣 (दूसरी खुराक) |
वही — ताज़ा काढ़ा — गुनगुना भोजन से पहले — जब दोपहर का खाना पच चुका हो |
| 🌙 आराम के समय | अजीर्णहर लेप | पेट पर लगाओ → 1 घंटा → धो लो ⚠️ सिर्फ बाहरी |
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एक नज़र में — भयशोक का पूरा दिन:
| समय | उत्पाद | कैसे |
|---|---|---|
| 🌅 सुबह | अग्नि बलवर्धक | फंकी + खट्टी छाछ |
| 🌅 सुबह | 🟣 शोकहर क्वाथ | ताज़ा काढ़ा — गुनगुना |
| 🍽️ 45 मि. पहले | शुण्ठ्यादि क्वाथ | 40ml गुनगुना काढ़ा |
| 🥄 पहला ग्रास | हिङ्ग्वष्टक | ¼ चम्मच + घी |
| 🍛 भोजन के बाद | चाव चित्रकादी | फंकी + छाछ |
| ☀️ शाम 5-6 बजे | 🟣 शोकहर क्वाथ | ताज़ा काढ़ा — दूसरी खुराक |
| 🌙 आराम | अजीर्णहर लेप | पेट पर — 1 घंटा — धो लो |
🟣 = Bhayshok Add-on
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🧠 हर्ष-आश्वासन — मन का सहयोग (सबसे ज़रूरी):
देखिए, आचार्य ने सिर्फ औषधि नहीं बताई — साथ में हर्ष-आश्वासन क्रिया भी बताई है। हर्ष = खुश रखना। आश्वासन = खुद को हिम्मत देना कि मैं ठीक हो जाऊंगा।
क्योंकि यहां बीमारी सिर्फ पेट में नहीं है — मन में भी है। और जब तक मन ठीक नहीं होगा, पेट भी पूरा ठीक नहीं होगा।
रोज़ ये करना बहुत ज़रूरी है:
🧘 प्राणायाम — सुबह-सुबह — अनुलोम-विलोम, भ्रामरी — 15-20 मिनट
🧠 ध्यान (Meditation) — 10-15 मिनट — आंखें बंद करो — सांस पर ध्यान दो
🎵 शांत संगीत — रिलेक्सिंग म्यूज़िक — मंत्र, बांसुरी, प्रकृति ध्वनि
🌿 प्रकृति में समय — सुबह की हवा, हरियाली — मन शांत होता है
📱 News / Social Media कम करो — Negative content = मन अशांत = पेट खराब
💬 खुद से बात करो — "मैं ठीक हो जाऊंगा, यह temporary है, मैं मज़बूत हूं"
👥 अकेले मत रहो — परिवार, दोस्तों से बात करो
🛏️ नींद पूरी लो — 7-8 घंटे — नींद कम = वात बढ़ेगा = पेट और बिगड़ेगा
⚠️ ये सब "Optional" नहीं है — ये औषधि जितना ही ज़रूरी है।
शोकहर क्वाथ पेट + नसें ठीक करेगा — पर मन आपको खुद शांत करना होगा।
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भयशोक vs सामान्य पाचन समस्या — क्या फर्क?
| सामान्य पाचन | 😰 भयशोक | |
|---|---|---|
| Trigger | गलत खाना | डर, चिंता, तनाव, शोक |
| Pattern | खाने से जुड़ा | मूड/तनाव से जुड़ा |
| Nervous? | नहीं | हां — घबराहट, बेचैनी, डर |
| शांत मन = ? | कोई फर्क नहीं | पेट भी शांत |
| सिर्फ पेट की दवा? | काम करे | अकेले काम नहीं करेगी |
| ज़रूरत | अग्नि + आम | अग्नि + आम + मन + नसें |
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🍽️ आहार — भयशोक के लिए:
| ❌ बिल्कुल नहीं | ✅ खा सकते हैं |
|---|---|
| उड़द, राजमा, चना, लोबिया कटहल, गोभी, भिंडी पनीर, दही, दूध कच्चा सलाद जंक फ़ूड, पैक्ड, बेकरी चाय-कॉफ़ी (ज़्यादा) — Caffeine = नर्वसनेस बढ़ती है तला-भुना, बाहर का बिना भूख खाना देर रात खाना — वात बढ़ता है |
लौकी, तोरई, टिंडा, कद्दू, परवल मूंग / मसूर दाल पुराना चावल, ताज़ी रोटी गुनगुना पानी (दिन भर) गर्म दूध + जायफल (रात — नींद में सहायक) बादाम (भिगोए हुए 4-5) — मस्तिष्क पोषण अश्वगंधा दूध — तनाव कम करने में सहायक केसर — मन प्रसन्न करने में सहायक घी — वात शांत करता है भूख लगे तभी खाओ |
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🧘 जीवनशैली — भयशोक में सबसे ज़्यादा ज़रूरी:
✅ प्राणायाम रोज़ — अनुलोम-विलोम, भ्रामरी — 15-20 मिनट — नर्वस सिस्टम शांत
✅ ध्यान (Meditation) — 10-15 मिनट — सुबह-शाम
✅ नींद पूरी — 7-8 घंटे — नींद कम = वात ↑ = पेट ↓
✅ रात 10 बजे तक सो जाओ — देर जागना = वात बढ़ना
✅ सुबह जल्दी उठो — ब्राह्ममुहूर्त (5-6 बजे) — मन शांत रहता है
✅ Negative content बंद — News, Social media, डरावना content — कम करो
✅ शाम को तेल मालिश — पैर के तलवों + सिर पर तिल तेल — वात शांत
✅ हल्का व्यायाम — तेज़ चलना, योग — बहुत भारी exercise नहीं
✅ खुद से बोलो — "मैं ठीक हूं, मैं ठीक हो रहा हूं" — हर्ष-आश्वासन क्रिया
✅ अकेले मत रहो — बात करो, शेयर करो
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल:
भयशोक है या सामान्य पाचन — कैसे पता?
सबसे आसान test: अगर तनाव/डर/चिंता से पेट खराब होता है — और मन शांत हो तो पेट भी ठीक — तो भयशोक है। सामान्य पाचन में trigger खाना होता है, भयशोक में trigger मन होता है।
शोकहर क्वाथ + शुण्ठ्यादि क्वाथ — दोनों लेने हैं?
हां — दोनों अलग काम करते हैं। शुण्ठ्यादि = आम निकालो + अग्नि जगाओ (भोजन से 45 मि. पहले)। शोकहर = मन + नसें + पेट (सुबह खाली पेट + शाम 5-6 बजे)। दोनों साथ = complete coverage।
सिर्फ शोकहर क्वाथ से काम चलेगा?
नहीं — सिर्फ शोकहर मन + नसें शांत करेगा, पर अग्नि मंद रहेगी + आम अंदर जमा रहेगा। Base combo ज़रूरी है — वो अग्नि + आम ठीक करेगा। दोनों साथ चाहिए।
Pranayam/Meditation ज़रूरी है?
बहुत ज़रूरी — आचार्य ने "हर्ष-आश्वासन" को औषधि जितना ज़रूरी बताया है। शोकहर क्वाथ नसें शांत करेगा — पर मन आपको खुद शांत करना होगा। बिना Pranayam/Meditation के result आधा रहेगा।
कितने दिन?
कम से कम 30 दिन — पर भयशोक में लम्बा चल सकता है क्योंकि यह मन से जुड़ा है। जैसे-जैसे मन शांत होगा + नसें मज़बूत होंगी — result आता जाएगा। धैर्य रखें।
बहुत ज़्यादा Anxiety/Depression है?
अगर बहुत गंभीर मानसिक स्थिति है — तो कृपया किसी योग्य चिकित्सक / मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से ज़रूर मिलें। यह कॉम्बो सहयोगी है — पर गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ मार्गदर्शन अनिवार्य।
गर्भवती?
चित्रकमूल (Base में) — गर्भावस्था में उपयुक्त नहीं। चिकित्सक से परामर्श।
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⚠️ सावधानियाँ:
⚠️ गर्भवती — न लें (चित्रकमूल)
⚠️ अजीर्णहर लेप — सिर्फ बाहरी — खाएं नहीं
⚠️ शोकहर क्वाथ — हमेशा ताज़ा बनाओ — पुराना मत पियो
⚠️ गंभीर मानसिक स्थिति — विशेषज्ञ से ज़रूर मिलें
⚠️ Caffeine (चाय-कॉफ़ी) कम करो — नर्वसनेस बढ़ती है
⚠️ देर रात खाना + देर जागना — वात बढ़ता है
⚠️ Pranayam/Meditation — औषधि जितना ज़रूरी — skip मत करो
⚠️ बिना भूख न खाएं
⚠️ निर्धारित मात्रा से अधिक न लें
⚠️ 12 वर्ष से कम — विशेषज्ञ सलाह
⚠️ रात को देर से छाछ न पियें
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💬 Confusion है? हमें WhatsApp पर बताइए:
अपने लक्षण बताइए — हम आपको सही कॉम्बो suggest करेंगे।
हो सकता है जवाब में देरी हो — पर कोशिश करेंगे जल्दी जवाब देने की।
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Disclaimer: These products are not intended to diagnose, treat, cure, or prevent any disease. These are traditional Ayurvedic food products. For external use product (Ajirnhar Lep) — do not ingest. Results may vary. For serious mental health concerns, please consult a qualified healthcare professional.
यह उत्पाद किसी रोग के निदान, उपचार या रोकथाम हेतु नहीं हैं। ये पारम्परिक आयुर्वेदिक आहार हैं। गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या में योग्य चिकित्सक से अवश्य मिलें। परिणाम व्यक्ति अनुसार भिन्न हो सकते हैं।
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