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Amla Jam – 500 Grams

299.00

Components: Amla (Indian Gooseberry), Cardamom, Black Pepper, Large Cardamom and Sugar Candy (Mishri).

घटक: आंवला, इलाइची, काली मिर्च, बड़ी इलाइची और मिश्री (धागा मिश्री)।

Description

Benefits of Amla Jam:-

Increases immunity and metabolism. Prevents viral and bacterial infections in the body.
It is good for the eyes, hair and skin. It is a storehouse of Vitamin-C. It can be consumed in any form.

Amla is a Rasayana

What is Rasayana ?

Rasāyana (रसायन) is a Sanskrit word literally meaning path (āyana) of essence (rasa). It is an early ayurvedic medical term referring to techniques for lengthening lifespans and invigorating the body.

According to Ayurveda Maharishi Agnivesh, the solution to get the best quality of 7 primary tissues is called ‘Rasayana’. Maharishi Shargadhar has addressed that medicine as ‘Rasayana’ which is supposed to remove old age (Zara) and Vyadhi (disease).

Properties of Rasayana (with reference to Amla) – 
People get these specific benefits by taking Rasayana medicine.
1. Person’s age increases.
2. An unprecedented increase in memory.
3. Perception power increases.
4. Increased healing power.
5. The person starts taking benefits from his/her youth. Old man also feels like young.
6. The body of a person becomes resplendent.
7. Speech becomes lenient and ability to speak increases.
8. The skin color gets glowing.
9. Infusion of infinite power happens in the senses of the body and micro-eyes etc.
10. The person attains speech-accomplishment (whatever he says becomes true).
11. The person becomes very humble.
12. The Person’s body becomes healthy and fit.

All the above qualities are present in the Amla.

आमला जैम खाने के फायदे:

रोग प्रतिरोधक क्षमता और मेटाबॉलिज्म को बढाता है,शरीर में वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं होने देता
आंखों, बालों और त्वचा के लिए उत्तम है यह विटामिन-C का भंडार है इसे किसी भी रूप में खाया जा सकता है,खाली पेट इसका सेवन बेहतर है

आँवला एक रसायन है

रसायन क्या है?

रसायन एक संस्कृत शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है “सार” (रस)। यह एक प्रारंभिक आयुर्वेदिक चिकित्सा शब्द है जो उम्र को लंबा करने और शरीर को स्फूर्ति देने की तकनीकों का उल्लेख करता है।

आयुर्वेद महर्षि अग्निवेश के अनुसार उत्तम रस आदि धातुओं को प्राप्त करने का जो उपाय है, उसे ‘ रसायन’ कहते हैं। महर्षि शार्ङ्गधर ने उस औषधि को ‘ रसायन’ कहते हुए सम्बोधित किया है जो बुढ़ापा (जरा) एवं व्याधि (बीमारी) को दूर करने वाली हो। ‘रसायनं च तज्ज्ञेयं यजरा व्याधिनाशनम्।’ (-शार्ङ्गधर)

रसायन के गुण (आँवला के सन्दर्भ में) – 
रसायन औषधि का सेवन करने से मनुष्य को ये विशिष्ट लाभ प्राप्त होते हैं
1. व्यक्ति दीर्घायु हो जाता है।
2. स्मरण शक्ति में आशातीत बढ़ोतरी हो जाती है।
3. मेधा (धारणा शक्ति) बढ़ जाती है।
4. आरोग्य उन्नत हो जाता है।
5. व्यक्ति तरुणावस्था से लाभान्वित होने लगता है। वृद्ध व्यक्ति को भी जवानी, जैसी
सुखद अनुभूतियाँ होने लगती हैं।
6. व्यक्ति का शरीर कान्तिमान हो उठता है।
7. उसकी वाणी उदार होने लगती है, बोलने की क्षमता बढ़ जाती है।
8. वर्ण में निखार (कलर कॉम्प्लेक्शन) आने लगता है।
9. शरीर एवं सूक्ष्म चक्षु, श्रोत्र, घ्राण इत्यादि इंद्रियों में अपरिमित शक्ति का संचार होने
लगता है।
10. व्यक्ति को वाक्-सिद्धि (जो बोले वही सत्य सिद्ध हो जाए) प्राप्त हो जाती है।
11. व्यक्ति बेहद विनम्र (प्रणति) हो जाता है।
12. उसका शारीरिक सौष्ठव सुंदर हो जाता है।

विशेष-आँवला में उपर्युक्त सारे गुण उपस्थित होते हैं।

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